मुंबई यातायात पुलिस का शनिवार (11 नवंबर) को उस वक्त अमानवीय और असंवेदनशील चेहरा नजर आया है. एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को स्तनपान कराने के लिए प्रेरित करती है, वहीं मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बच्ची को दूध पिलाती एक महिला के साथ ऐसा व्यवहार किया जिसकी हर तरफ निंदा हो रही है. पीड़ित महिला ज्योति माले ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि वह शनिवार को वह किसी काम से कार में सवार होकर बाहर निकली थी, रास्ते में उसके बच्चे को भूख लगी और वह रोने लगा. इसके बाद महिला ने बच्चे को दूध पिलाने की कोशिश की, लेकिन चलती हुई कार में बच्चे ने रोना बंद नहीं किया. इसके बाद महिला ने ड्राइवर को जल्द से जल्द गाड़ी पार्क करने को कहा. हड़बड़ी में ड्राइवर ने नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी कर दी. फिर महिला ने बच्चे को स्तनपान कराना शुरू किया.

नो पार्किंग जोन में कार खड़ी देख ट्रैफिक पुलिस वहां पहुंची और कार पर डंडा पीटते हुए गाड़ी को हटाने लिए कहने लगा. जबतक महिला गाड़ी से बाहर झांककर उसे बता पाती कि वह बच्चे को स्तनपान करा रही है, उससे पहले ही ट्रैफिक पुलिस वाले कार को क्रेन से लेकर जाने लगे. इस दौरान महिला ने बोला भी कि वह अपने बच्चे को दूध पिला रही है, लेकिन उसने एक ना सुनी और गाड़ी लेकर चलते बने.

ट्रैफिक पुलिस की इस हरकत से बच्चा काफी घबरा गया था. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर मुंबई पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. हालांकि सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को लगातार शेयर और पोस्ट कर मुंबई ट्रैफिक पुलिस पर हमले कर रही है.