वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त के रूप में प्रभार संभाल लिया है। वर्मा ने इस पद को एक ऐसे समय पर संभाला है, जब जेएनयू प्रकरण से निपटने को लेकर दिल्ली पुलिस आलोचनाओं का सामना कर रही है। पिछले एक साल में विभिन्न मुद्दों को लेकर बस्सी की ‘आप’ सरकार के साथ तनातनी रही थी। ऐसे में ये देखने वाली बात होगी की आलोक वर्मा और केजरीवाल सरकार की कितनी अच्छी तालमेल बनती है या नहीं ?

 

Bs bassi And Alok kumar Verma

Mr.Bs Bassi And Alok kumar Verma 

आलोक वर्मा पुलिस प्रशासन में विशेष आयुक्त के रूप में सेवाएं देने के बाद, 6 अगस्त 2014 को तिहाड़ के महानिदेशक बने थे। उन्होंने 17 माह बाद सेवानिवृत्त होना है। वर्मा दिल्ली पुलिस में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इन पदों में दक्षिण जिले में पुलिस उपायुक्त, अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त, नई दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त, विशेष पुलिस आयुक्त (इंटेलिजेंस) और सतर्कता के विशेष पुलिस आयुक्त शामिल हैं। वह अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पुलिस महानिरीक्षक और पुडुचेरी में पुलिस महानिदेशक रहे चुके हैं। सेवानिवृत्त होने पर बस्सी को पुलिस मुख्यालय पर फेयरवेल दी गई।