आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा को ज्यादा बोलने की सजा मिली है। पार्टी ने अपनी विधायक अलका लाम्‍बा को पार्टी प्रवक्‍ता पद से फिलहाल हटा दिया है। दो दिन पहले लाम्‍बा ने पार्टी लाइन से अलग बयान दिया था कि प्रीमियम बस सर्विस स्‍कीम की निष्‍पक्ष जांच के लिए ट्रांसपोर्ट मंत्री गोपाल राय को सीएम अरविंद केजरीवाल ने जांच में सहयोग देने को कहा है।उन्‍होंने ये बयान एंटी करप्‍शन ब्रांच के कार्यालय के बाहर दिया था, जहां वो गोपाल राय को समर्थन देने पहुंची थीं। इसी दौरान आम आदमी पार्टी ने कहा था कि गोपाल राय स्‍वास्‍थ्य कारणों के चलते पद से हट रहे हैं, मगर लांबा ने कहा कि मुख्‍यमंत्री कथित घोटाले की निष्‍पक्ष जांच चाहते थे और उन्‍होंने राय को सहयोग देने को कहा है।आम आदमी पार्टी ने अलका के बयान पर सख्‍त एक्‍शन लेते हुए उन्‍हें प्रवक्‍ता पद से हटा दिया गया।  बता दें कि गोपाल राय के पास पांच दूसरे मंत्रालय भी थे जो वे देखते रहेंगे। उन्‍हें सिर्फ परिवहन मंत्रालय के कार्यभार से मुक्‍त किया गया है। गोपाल राय ने पिछले महीने प्रीमियम बस सर्विस शुरू करने की घोषणा की थी, इसके बाद बीजेपी विधायक विजेंदर गुप्‍ता की शिकायत पर ACB की जांच के दायरे में हैं।दरअसल इसमें अलका की कोई गलती नहीं क्योंकी ये काम उन्होंने केजरीवाल जी के नजर में अच्छा बनने के लिए बोला होगा लेकिन उन्हें ये नहींं पता था की इस बयान के लिए उन्हें इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी । अलका जी आगे से इसका ध्यान रखियेगा नहीं तो आपको पता ही है कुछ समय पहले कैसे आपके ही पार्टी के कुछ नेताओं का पत्ता साफ सिर्फ इसलिये किया गया था की उन्होंने जनलोकपाल की आबाज मीडिया में उठाया था। हालाँकि ये अच्छा हुआ की आपने प्रवक्ता पद से हटाए जाने के बाद ट्वीट कर कहा कि जो हुआ अच्छे के लिए हुआ,जो होता है अच्छे के लिए होता है,जो होगा अच्छे के लिए ही होगा, चिंता चिता के समान है।

SOURCE-IBN.